रविवार, 21 जुलाई 2019 | समय 16:21 Hrs(IST)

चुनाव परिणाम

पूरा विवरण जानें
पार्टी आगे जीते
ताज़ा खबरें

डिंडौरी

महाराष्ट्र

मैप पर क्लिक कर जानें अपने राज्य की डिटेल्स

मैप 2019 नतीजों पर आधारित हैं

तीखे बयान

  • मतदान की तारीख: 29 अप्रैल
  • जनसंख्या: 1530208
  • डॉ भारती प्रवीण पवार
  • डॉ भारती प्रवीण पवार
  • भारतीय जनता पार्टी
डिंडोरी लोकसभा सीट के राजनीतिक इतिहास पर नज़र डालें तो 2008 में परिसीमन के बाद ही अस्तित्व में आई थी। लेकिन परिसीमन के पहले दिंडोरी लोकसभा सीट मालेगांव का हिस्सा हुआ करती थी। उस वक्त यह जनता दल का गढ़ भी कहा जाता था।

1957 में प्रजा समाजवादी पार्टी के यादव नारायण जाधव सांसद बने। फिर 1962 में कांग्रेस सत्ता में आई. माधव लक्ष्मण जाधव लोकसभा पहुंचे। 1967 और 1971 में झामरू मंगलू कहांडोल कांग्रेस की टिकट से सांसद बने। साल 1977 में हरिभाऊ महाले भारतीय लोक दल की टिकट से सांसद का चुनाव जीते। लेकिन 1980 में झामरू मंगलू कहांडोले ने कांग्रेस को एक बार फिर जीत दिलाई। 1984 में कांग्रेस के सीताराम भोये जीते तो 1989 में हरिभाऊ महाले ने जनता दल को वापसी करवाई।

1991 में फिर कहांडोले सांसद बने। 1996 में कचरू भाऊ राऊत ने इस सीट पर भाजपा का खाता खुलवाया।  लेकिन 1998 में फिर से कांग्रेस के झामरू मंगलू कहांडोले जीते। 1999 में हरिभाऊ महाले जनता दल (एस) को जीत दिलाने में सफल रहे। हालांकि, 2004 में इस सीट से भाजपा के हरीशचन्द्र चव्हाण की जीत हुई। इसके बाद दिंडोरी लोकसभा सीट के अस्तित्व में आने के बाद 2009 और 2014 में वो दोबारा यहां से जीत दर्ज करने में सफल हुए। दिंडोरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं। 

दिंडोरी

कलवण

चांदवड

निफाड

येवला 

नांदगांव

दिंडोरी लोकसभा क्षेत्र की 6 विधानसभा सीटों में से राकांपा ने 3 सीट पर जीत दर्ज की जबकि बीजेपी और शिवसेना 1-1 सीट जीतने में कामयाब रही। एक सीट माकपा के खाते में गई। इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की आबादी खासी अच्छी है।  2014 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक यहां मतदाताओं की संख्या 15 लाख 30 हजार 208 है जिसमें 8 लाख 08 हजार 116 पुरुष और 7 लाख 22 हजार 262 महिला मतदाता हैं।



" class='divstatedetail'>

महाराष्ट्र की डिंडोरी लोकसभा सीट पर वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी का कब्ज़ा है। इस सीट से भाजपा के हरीश चंद्र चव्हाण सांसद हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में हरीश चंद्र चव्हाण ने 5 लाख 42 हजार 784 मत हासिल कर जीत दर्ज की थी तो वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी भारती प्रवीण पवार को 2 लाख 95 हज़ार 165 मत प्राप्त हुए थे।

डिंडोरी लोकसभा सीट के राजनीतिक इतिहास पर नज़र डालें तो 2008 में परिसीमन के बाद ही अस्तित्व में आई थी। लेकिन परिसीमन के पहले दिंडोरी लोकसभा सीट मालेगांव का हिस्सा हुआ करती थी। उस वक्त यह जनता दल का गढ़ भी कहा जाता था।

1957 में प्रजा समाजवादी पार्टी के यादव नारायण जाधव सांसद बने। फिर 1962 में कांग्रेस सत्ता में आई. माधव लक्ष्मण जाधव लोकसभा पहुंचे। 1967 और 1971 में झामरू मंगलू कहांडोल कांग्रेस की टिकट से सांसद बने। साल 1977 में हरिभाऊ महाले भारतीय लोक दल की टिकट से सांसद का चुनाव जीते। लेकिन 1980 में झामरू मंगलू कहांडोले ने कांग्रेस को एक बार फिर जीत दिलाई। 1984 में कांग्रेस क....

ताज़ा खबर

तीखे बयान

निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार

ताज़ा आलेख