शुक्रवार, 22 नवम्बर 2019 | समय 21:04 Hrs(IST)

यूपी उपचुनाव में भाजपा को नुकसान, रामपुर में बरकरार है आजम खान की शान

By अंकित सिंह | LSChunav | Publish Date: 10/24/2019 2:28:50 PM
यूपी उपचुनाव में भाजपा को नुकसान, रामपुर में बरकरार है आजम खान की शान

गंगोह सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नोमान मसूद अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के कीरत सिंह से बढ़त बनाए हुए हैं। जलालपुर सीट से बसपा प्रत्याशी छाया वर्मा अपने निकटतम उम्मीदवार भाजपा के राजेश सिंह से आगे चल रही हैं। बसपा पहली बार उपचुनाव लड़ रही है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा की 11 सीटों के लिए संपन्न उपचुनाव की मतगणना के अब तक मिले रुझानों में सत्तारूढ़ भाजपा ने छह सीटों पर मजबूत बढ़त बना ली है। हालांकि भाजपा को नुकसान हो रहा है। इन 11 सीटों में 10 सीट भाजपा के पास थी। यानी की पार्टी को 4 सीटों का नुकसान हो रहा है। 

निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना के प्रारंभिक रुझान में भाजपा ने छह सीटों इगलास, लखनऊ कैंट, मानिकपुर, गोविंदपुर, घोसी और बलहा सीटों पर बढ़त बना रखी है। खासकर इगलास, लखनऊ कैंट, बलहा और मानिकपुर सीटों पर भाजपा ने बहुत मजबूत बढ़त हासिल कर ली है। रामपुर सीट के उपचुनाव में क्षेत्रीय सांसद आजम खान की पत्नी सपा प्रत्याशी तजीन फातिमा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के भारत भूषण पर लगभग निर्णायक बढ़त ले ली है। जैदपुर सीट से सपा के गौरव कुमार अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अंबरीश से से आगे चल रहे हैं। गंगोह सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नोमान मसूद अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के कीरत सिंह से बढ़त बनाए हुए हैं। जलालपुर सीट से बसपा प्रत्याशी छाया वर्मा अपने निकटतम उम्मीदवार भाजपा के राजेश सिंह से आगे चल रही हैं। बसपा पहली बार उपचुनाव लड़ रही है। 
नहीं चला योगी का जादू
भले ही इस चुनाव में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ने प्रचार नहीं किया हो, पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी सीटों पर प्रचार किया। भाजपा को उम्मीद थी की वह रामपुर छोड़कर बाकी के सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगी जो होता दिख नही रहा है। महेंद्र नाथ पांडे के केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद से स्वतंत्र देव सिंह को उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। यह उपचुनाव स्वतंत्र देव सिंह के लिए भी अग्नि परीक्षा थी। पार्टी को उम्मीद थी कि योगी आदित्यनाथ के दम पर यह सभी सीटों को वो जीत सकती है। योगी आदित्यनाथ ने भी प्रचार में पूरा दमखम लगाया था। पर कहीं ना कहीं कुछ सीटों पर रणनीतिक चूक ने भाजपा को नुकसान पहुंचाया है।
रामपुर में आजम खान को हरा पाना मुश्किल
सपा के कद्दावर नेता और रामपुर से सांसद आजम खान का दम एक बार फिर से क्षेत्र में दिखा है। आजम खान के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई रामपुर की सीट पर उनकी पत्नी ने ताल ठोका था। आजम खान के हालिया बयानों से ऐसा लग रहा था कि यहा सपा का सफाया हो सकता हैं पर रामपुर में आजम का गणित ऐसा है कि कोई भी दूसरा दल वहां जीत दर्ज करने में कामयाब नहीं हो पाता। भाजपा ने अपने उम्मीदवार जरूर उतारे थे। प्रचार में भी दमखम लगाया था पर यह सीट उसके हाथ से निकलती जा रही है। इन दिनों आजम खान के ऊपर भ्रष्टाचार के भी खूब आरोप लगे थे। भाजपा को उम्मीद थी कि हो सकता है आजम खान की छवि खराब हो और उसका चुनावी फायदा पार्टी को मिले। पर यह भी नहीं हुआ। रामपुर एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र है जहां सपा के साथ-साथ आजम खान का भी अपना दबदबा है। 
 

Related Story

तीखे बयान