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शिवराज ने कमलनाथ से पूछे सवाल, कहा- हमारी योजनाएं बंद कर जनता को क्यों कर रहे हो परेशान

By दिनेश शुक्ल | LSChunav | Publish Date: Oct 19 2019 6:19PM
शिवराज ने कमलनाथ से पूछे सवाल, कहा- हमारी योजनाएं बंद कर जनता को क्यों कर रहे हो परेशान

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को झाबुआ विधानसभा के ग्राम बोरी में पार्टी प्रत्याशी भानू भरिया के समर्थन में आयोजित जनसभा को करते हुए कमलनाथ से एक के बाद एक कई सारे सवाल पूछे।

भोपाल। भाजपा की सरकार ने गरीबों और आदिवासियों को 1 रूपए किलो गेहूं, चावल और नमक दिया। आदिवासियों की बच्चियों को साइकिलें दी। गरीब एवं आदिवासी बच्चों को सही शिक्षा मिले, इसलिए हमने छात्रावास खोले, स्कॉलरशिप दी, किताबें दी, स्मार्टफोन, लेपटॉप दिए। लेकिन कांग्रेस हमेशा यही चाहती रही है कि गरीब, आदिवासी बच्चे हंसिया लेकर खेतों में मजदूरी करते रहें। भाजपा ने हर वर्ग की चिंता की है, लेकिन कांग्रेस हमेशा इनका शोषण करती रही है। कमलनाथ ने प्रदेश का सत्यानाश कर दिया और कांतिलाल ने झाबुआ जिले को तबाह कर दिया है। यह बात पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को झाबुआ विधानसभा के ग्राम बोरी में पार्टी प्रत्याशी भानू भरिया के समर्थन में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कही। पूर्व मुख्यमंत्री ने राणापुर में रोड शो किया और जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ से 20 सवाल भी पूछे।

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हमने जनता को उसका हक दिया

पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पढ़ाई के लिए घर से दूर रहने वाले बच्चों के लिए कमरे का किराया भी भाजपा सरकार देती थी। हमने उन्हें विदेश जाकर पढ़ने के लिए पैसा दिया। निजी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस दी गयी, लेकिन 10 महीनों में कमलनाथ सरकार ने प्रदेश की सारी जनहितैषी योजनाएं बंद कर दी। उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया से सवाल किया कि इन गरीब, आदिवासी बच्चों ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था? भोले-भाले, मासूम बच्चों को शिक्षा से वंचित कर दिया, सारी योजनाएं बंद कर दीं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पैसा नहीं लुटाया, हमने प्रदेश की जनता को उसका हक दिया है। उन्होंने सभा में उपस्थित युवाओं से कहा कि कांग्रेसी जब वोट मांगने आएं तो उनसे लेपटॉप, स्कॉलरशिप, मोबाइल, और साइकिल मांगना।

भाजपा को वोट देकर कांग्रेस से लें बदला

चौहान ने कहा कि कांग्रेस अगर जीत गई तो कमलनाथ और कांतिलाल जनता को ठेंगा बता देंगे। इन्हें सबक सिखाना है, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की योजनाएं चालू हो सके। हम कांग्रेस से योजनाओं को बंद करने का बदला भाजपा को वोट देकर लेंगे। यदि चुनाव के दिन कमल की बटन दब गई, तो इनकी अकल ठीक हो जाएगी। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश का सत्यानाश कर दिया है, इसलिए इस बार शिकारी के जाल में नहीं फंसना है। आप सभी लोग 21 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी भानू भूरिया को वोट देकर भारी बहुमत से विजयी बनाएंगे और कांग्रेस-कमलनाथ को सबक सिखाएंगे।

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किसी किसान को मुआवजा नहीं दिया

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की मक्के की फसल खराब हो गई, लेकिन न कभी मुख्यमंत्री खेत में गए, न ही उन्होंने मुआवजा दिया। जब भाजपा की सरकार थी, तो सुबह अधिकारियों के साथ खेत में पहुंचकर जांचकर मुआवजा दिया जाता था। झाबुजा जिले में भाजपा की सरकार ने 50 करोड़ तक मुआवजा बांटा है, लेकिन कमलनाथ सरकार ने किसी किसान को मुआवजा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हमने तो बिजली के बिल 200 रूपए कर दिए थे, लेकिन अब बढ़े हुए बिलों से कमलनाथ सरकार ने गरीबों को लूट लिया। चौहान ने कहा कि बेईमान कांग्रेसियों ने तो अंतिम संस्कार के पैसे भी गरीबों से छीन लिए। मोदी जी की योजनाएं लागू नहीं कर रहे हैं। मोदी जी जो पैसा प्रदेश के लिए भेज रहे हैं, ये उसे प्रदेश में नहीं आने दे रहे हैं। ऐसे बेईमानों को इस बार वोट नहीं देना है।

मुख्यमंत्री से पूछे सवाल

राणापुर की जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कमलनाथ ने अभी राणापुर में ही कहा है कि शिवराज का मुंह बहुत चलता है। मैं कहना चाहता हूं- मेरा मुंह भी चलता है और मैं भी बहुत चलता हूं। लेकिन जो भी चलता है, प्राणों से प्यारी जनता के लिए चलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से 20 करते हुए पूछा कि किसानों की फसल देखने खेतों में क्यों नहीं गए। झाबुआ-अलीराजपुर में किसानों को मुआवजा क्यों नहीं बंटने दिया? भांजे भंजियो को साइकिल, स्कालरशिप, फीस, स्मार्टफोन, लेपटॉप क्यों बंद कर दिए? शहरों में पढ़ने वाले बच्चों के कमरे का किराया क्यों खा गए? गरीब बहनों को प्रसव के बाद मिलने वाले लड्डू के पैसे क्यों छीने? बिजली का बिल हॉफ करने का कहा था, अब 15, 20, 50 हज़ार के बिल क्यों आ रहे हैं? गरीबों को दुर्घटना में मौत पर मिलने वाले 4 लाख, सामान्य मौत पर मिलने वाले दो लाख रुपये और अंतिम संस्कार के पांच हजार रुपए क्यों छीने? 

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कन्यादान योजना के 51 हज़ार रुपए क्यों खा गए? राहुल गांधी ने 10 दिनों में 2 लाख तक का कर्ज माफ करने की बात कही थी, लेकिन आज तक नहीं हुआ। बताओ, अन्नदाता से झूठ क्यों बोला? मक्का, बाजरा,  गेंहू ,चना की फसलों तथा दूध पर 5 रुपए बोनस देने की घोषणा की थी, क्यों नहीं दिया ? बेरोजगारी भत्ता क्यों नहीं दिया? अतिथि शिक्षकों को नियमित क्यों नहीं किया? पुलिसकर्मियों के साप्ताहिक अवकाश का क्या हुआ?


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