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भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए नहीं मिल रहा शिवसेना का साथ: थोराट

By LSChunav | Publish Date: 10/25/2019 7:50:31 PM
भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए नहीं मिल रहा शिवसेना का साथ: थोराट

थोराट ने कहा कि कांग्रेस की शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार के लिये कोई “रणनीति या प्रस्ताव” नहीं है। उन्होंने कहा कि 10 निर्दलीय उनके संपर्क में हैं और वे भाजपा-शिवसेना का हिस्सा न बनकर विपक्ष के साथ आना चाहते हैं।

मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिये शिवसेना से हाथ मिलाने की संभावनाओं को शुक्रवार को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी। थोराट ने कहा कि कांग्रेस की शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार के लिये कोई “रणनीति या प्रस्ताव” नहीं है। 

उन्होंने कहा कि 10 निर्दलीय उनके संपर्क में हैं और वे भाजपा-शिवसेना का हिस्सा न बनकर विपक्ष के साथ आना चाहते हैं। प्रदेश की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिये गुरुवार को घोषित नतीजों में कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत हासिल की है। यह स्पष्ट है कि भाजपा अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएगी, ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण समेत कुछ कांग्रेसी नेताओं ने कहा था कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिये कांग्रेस को “सभी विकल्प” टटोलने चाहिए।

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थोराट ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमारा शिवसेना को समर्थन करने का सवाल ही नहीं उठता। अगर शिवसेना हमसे संपर्क करती है, तो हम अपने केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगे और उसका निर्णय अंतिम होगा।” यह पूछे जाने पर कि अगर शिवसेना ऐसे प्रस्ताव के साथ आती है तो कांग्रेस का रुख क्या होगा, उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल को “भाजपा के प्रभाव से बाहर आना होगा”। 

निर्दलीय विधायकों के कांग्रेस को समर्थन और क्या इससे पार्टी नेता विपक्ष के पद के लिये दावेदारी करेंगे, के सवाल पर थोराट ने कहा कि पूर्व की नजीर को देखें तो इस तरह से जुटाए गए आंकड़ों पर नेता विपक्ष का पद तय करते समय विचार नहीं किया जाता। रांकापा ने 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़े थे और उसे 54 सीटों पर जीत हासिल हुई। थोराट ने कहा कि कांग्रेस अगले पांच सालों में पार्टी को मजबूत करेगी और उसकी रणनीति शहरी इलाकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए “हर गांव, हर मोहल्ले” को मजबूत करने की होगी। 

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थोराट ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक वर्ग की भी आलोचना की और दावा किया कि वो अशोक चव्हाण, अमित देशमुख और उनके जैसे नेताओं के खिलाफ अभियान चला कर बार-बार यह घोषणा कर रहा था कि वो चुनाव हार जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमने अपनी सीट 50 हजार से एक लाख मतों के अंतर से जीतीं। इसके बावजूद यह चैनल कह रहे थे कि हमारा हारना तय है, जिससे हमें और हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को दो दिनों तक काफी पीड़ा से गुजरना पड़ा।” थोराट ने कहा कि ऐसे चैनलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा था। 


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