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कांग्रेस नहीं गिना सकती 10 कदम जो क्रांतिकारी बदलाव के कारक कहे जा सकें: शाह

By LSChunav | Publish Date: Aug 23 2019 7:27PM
कांग्रेस नहीं गिना सकती 10 कदम जो क्रांतिकारी बदलाव के कारक कहे जा सकें: शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास आठ बार पूर्ण बहुमत की सरकारों के साथ भारत की सेवा करने के अवसर थे लेकिन उनके ऐसे 10 कदम नहीं गिनाये जा सकते जो क्रांतिकारी बदलाव के कारक कहे जा सकें।

नयी दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने दर्जनों महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों के माध्यम से बदलाव की नयी इबारत लिखी है और इन फैसलों ने लोगों के जीवन में अहम सुधार किये हैं तथा भारत को वैश्विक विकास का इंजन बनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास आठ बार पूर्ण बहुमत की सरकारों के साथ भारत की सेवा करने के अवसर थे लेकिन उनके ऐसे 10 कदम नहीं गिनाये जा सकते जो क्रांतिकारी बदलाव के कारक कहे जा सकें। शुक्रवार को टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार में प्रकाशित लेख में शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने कारोबारी समुदाय को महत्व दिया क्योंकि प्रधानमंत्री का हमेशा से मानना है कि अगर उद्यमी समुदाय किसी देश की प्रगति की बागडोर नहीं संभालता तो वह देश आगे नहीं बढ़ सकता।

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भाजपा अध्यक्ष ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने और अनुच्छेद 35ए को निष्प्रभावी करने के सरकार के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सरकार के दृढ़संकल्प को दर्शाता है जहां मोदी की दृढ़निश्चय वाली कार्यशैली ही उनकी कसौटी रही है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए पर सरकार के फैसले और संसद के दोनों सदनों में इससे संबंधित विधेयकों के पारित होने से ‘एक राष्ट्र-एक संविधान’ के सिद्धांत को साकार करने की मोदी की दृढ़ता और राजनीतिक क्षमता दिखाई देती है। इससे जम्मू कश्मीर विकास के नये युग में प्रवेश कर रहा है।

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शाह ने कहा कि इसी तरह मोदी सरकार ने नोटबंदी, जीएसटी, तीन तलाक की कुप्रथा को खत्म करने, सीमापार आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक, वन रैंक वन पेंशन जैसे कदम भीउठाये जिन्हें बहुत कठिन कार्य माना जा रहा था। उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद का सृजन, यूएपीए संशोधन विधेयक पारित होने तथा ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिये जाने संबंधी फैसले भी गिनाये। शाह ने कहा कि ये कदम निश्चित रूप से उन्हें भारत के अब तक के सबसे अधिक मजबूत दृढ़संकल्प वाले प्रधानमंत्री के तौर पर प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता दर्शाती है कि जब मात्र जनता के कल्याण के उद्देश्य के साथ कठोर फैसले लिये जाते हैं तो जनता पूरी तरह समर्थन देते हुए आपको प्रतिफल देती है। 2019 में 2014 से भी मजबूत जनादेश इस बात का प्रमाण है।


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