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योगी सरकार को भी उखाड़ फेंकने तक चुप नहीं बैठेगा गठबंधन: मायावती

By LSChunav | Publish Date: May 17 2019 7:49PM
योगी सरकार को भी उखाड़ फेंकने तक चुप नहीं बैठेगा गठबंधन: मायावती

मायावती ने जनता का आह्वान किया कि आज आप लोग यह तय करके जाएं कि चंदौली से चुनाव लड़ रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय की जमानत जब्त कराएंगे।

मिर्जापुर/चंदौली (उप्र)। बसपा प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को कहा कि सपा और रालोद के साथ उनका महागठबंधन विचारों का गठजोड़ है और यह केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के अलावा उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को भी सत्ता से उखाड़ फेंकने तक चुप नहीं बैठेगा। मायावती ने मिर्जापुर और चंदौली में महागठबंधन प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित संयुक्त महारैलियों में कहा कि लोकसभा चुनाव के पिछले छह चरणों में अपनी बुरी हालत से हताश भाजपा नेताओं के चेहरे बता रहे हैं कि मोदी सरकार विदा होने वाली है। उनके बुरे दिन 23 मई से शुरू हो जाएंगे। उसके बाद योगी के मठ में वापस जाने की भी पूरी तैयारी शुरू हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में अपनी खराब स्थिति को देखते हुए ‘भाजपा एण्ड कम्पनी’ के लोगों ने सपा और बसपा के बीच भ्रम पैदा करने की पूरी कोशिश की है, जिसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली है। हमारा गठबंधन बहुत सोच समझकर बना है। यह लम्बा चलेगा। उन्होंने कहा,  यह भाजपा के लोगों की तरह महामिलावटी नहीं, बल्कि विचारों का गठबंधन है। हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे, जब तक हम योगी सरकार को भी यहां सत्ता से उखाड़ नहीं फेंकते। 

मायावती ने जनता का आह्वान किया कि आज आप लोग यह तय करके जाएं कि चंदौली से चुनाव लड़ रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय की जमानत जब्त कराएंगे। उन्होंने ‘‘भाजपा के लोगों की बात शौचालय से शुरू होकर शौचालय पर ही खत्म होने’’ के अखिलेश के बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा इस बयान को गलत तरीके से पेश कर रही है। जहां तक बहन-बेटियों के सम्मान की रक्षा के लिये जितना काम सपा-बसपा ने किया है, वह और किसी ने नहीं किया है। उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार ने नक्सलवाद से निपटने के लिये प्रभावित क्षेत्रों को विकास कार्यों से जोड़ा है। हमने नक्सलवादियों का कत्लेआम करने के बजाय उन्हें रोजीरोटी से जोड़ा। हमने क्षेत्र की ज्यादातर नौकरियां सोनभद्र के गरीब लोगों को दी। उसके बाद आगे सपा सरकार ने भी इस दिशा में काफी काम किया है। मायावती ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गठबंधन के तहत बसपा के प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार में काफी मेहनत की है। ऐसे में बसपा कार्यकर्ताओं की नैतिक जिम्मेदारी बनती है तो वह भी चंदौली से सपा प्रत्याशी को जिताएं। यह समझकर काम करें कि यहां से बसपा उम्मीदवार ही खड़े हैं।
अखिलेश ने इस मौके पर दावा किया कि चुनाव के शुरुआती छह चरणों में इस बार गठबंधन के लोगों ने भाजपा का पूरा सफाया कर दिया है। भाजपा नेताओं को अब नींद नहीं आ रही है, जैसे-जैसे 23 मई नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे उनमें खौफ बढ़ रहा है। सपा प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमें समाजवाद सिखाना चाहते हैं, कहते हैं कि समाजवादियों को समाजवाद के बारे में कुछ नहीं पता। हम प्रधानमंत्री से कहना चाहते हैं कि दो दिन के बाद आपके पास बहुत फुरसत है। हम आपको डॉक्टर राम मनोहर लोहिया के कुछ किताबें भिजवा देते हैं। लोहिया की किताब  हिन्दू बनाम हिन्दू  और  इतिहास चक्र  पढ़ लेना आपको भारत के बारे में समझ में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर नहीं पढ़ा तो आप उन बातों को नहीं समझते, जिनके आंदोलन को लेकर यह गठबंधन बना है। गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक जिन्हें हक सम्मान नहीं मिला, उन्हें यह दिलाने के लिये ही गठबंधन बना है। जो लोग इस गठबंधन को तोड़ना चाहते हैं, वे खुद ही टूट जाएंगे। अखिलेश ने कहा कि मोदी ने पांच साल में इस देश को विकास की दौड़ में पीछे किया है। अर्थव्यवस्था खराब की है। इस देश पर जिस पर कभी 35 लाख करोड़ रुपये कर्ज था, वह आज 70 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। अगर 35 लाख करोड़ रुपये गरीब, किसान और नौजवान तक नहीं पहुंचा तो वह पैसा गया कहां। मोदी हमारे आपके प्रधानमंत्री नहीं हैं, वह देश के एक प्रतिशत अमीरों के प्रधानमंत्री हैं।

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