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दिनभर चला कर्नाटक का सियासी नाटक, Cong-JDS सरकार पर संकट बरकरार

By अंकित सिंह | LSChunav | Publish Date: Jul 8 2019 9:02PM
दिनभर चला कर्नाटक का सियासी नाटक, Cong-JDS सरकार पर संकट बरकरार

परमेश्वर के आवास पर नाश्ते पर बैठक के बाद कुमारस्वामी ने कांग्रेस के नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। कांग्रेस के सभी 21 मंत्रियों और जद (एस) के नौ मंत्रियों ने 13 वर्ष पुरानी गठबंधन सरकार से अपने इस्तीफे सौंपे।

आज दिनभर कर्नाटक में सियासी नाटक चलता रहा। शाम होते-होते कर्नाटक कांग्रेस-जद (एस) के 14 विधायक सड़क मार्ग से मुंबई से तटीय राज्य गोवा के लिए रवाना हो गए। ऐसा कहा जा रहा है कि निर्दलीय विधायक भी उनके साथ ही हैं। इससे पहले यह खबर आई थी कि कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार विधायकों को वापस लाने मुंबई रवाना हुए हैं। इस बीच एक और निर्दलीय विधायक आर शंकर ने कुमारस्वामी सरकार को झटका देते हुए भाजपा का समर्थन किया है। 

 
उधर कांग्रेस नेता रोशन बेग ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस ने मेरे साथ बर्ताव किया है और मुझे सस्पेंड किया है उससे मैं आहत हूं क्योंकि मैंने कड़वा सच बोला। राज्य नेतृत्व विफल रहा है, कोई जवाबदेही नहीं है। 
इस बीच खबर यह भी है कि कर्नाटक मसले को लेकर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, दिनेश गुंडू राव, सिद्धारमैया, जी परमेश्वर, एमबी पाटिल और एश्वर खांडरे ने एक अज्ञात स्थान पर बैठक की, जिसमें कानूनी सलाहकारों ने इस्तीफा देने वाले विधायकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के बारे में चर्चा की।
 
कर्नाटक की जद (एस)-कांग्रेस गठबंधन सरकार के 13 विधायकों के इस्तीफे से संकट में फंसी राज्य सरकार को बचाने के प्रयास के तहत मंत्रिमंडल में फेरबदल करने और असंतुष्ट विधायकों को उसमें जगह देने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए दोनों पार्टियों के मंत्रियों ने सोमवार को ‘‘स्वेच्छा’’ से इस्तीफे दे दिये है। उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर के निवास पर यहां हुई बैठक में कांग्रेस मंत्रियों के इस्तीफा दिये जाने का निर्णय लेने के बाद मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने राष्ट्रीय पार्टी के नेताओं से मुलाकात की और इसके बाद जद (एस) के मंत्रियों ने भी इस्तीफे दे दिये जिससे मंत्रिमंडल में फेरबदल का मार्ग प्रशस्त हो गया। परमेश्वर के आवास पर नाश्ते पर बैठक के बाद कुमारस्वामी ने कांग्रेस के नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। कांग्रेस के सभी 21 मंत्रियों और जद (एस) के नौ मंत्रियों ने 13 वर्ष पुरानी गठबंधन सरकार से अपने इस्तीफे सौंपे।
दो दिन पहले 13 विधायकों- कांग्रेस के दस और जद (एस) के तीन विधायकों के विधानसभा की सदस्यता से अपने इस्तीफे सौंपे जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। विधायकों के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफों से राज्य सरकार गंभीर संकट में आ गई। जिन 13 विधायकों ने इस्तीफा दिये है, वे मुम्बई के एक होटल में ठहरे हुए हैं। राज्य में गठबंधन सरकार के सहयोगी कांग्रेस के 21 मंत्रियों के मंत्रिमंडल से इस्तीफे के तुरन्त बाद जद (एस) के मंत्रियों ने इस्तीफे दिये। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विटर पर बताया, ‘‘जद (एस) के सभी मंत्रियों ने भी कांग्रेस के 21 मंत्रियों की तरह इस्तीफे दे दिये हैं। मंत्रिमंडल में जल्द ही फेरबदल होगा।’’ नाश्ते पर हुई बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ पार्टी के व्यापक हित में रविवार और सोमवार को हमने वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के साथ विस्तृत चर्चा की। आज सुबह हमने मंत्रियों के साथ बैठक की। जहां तक कांग्रेस मंत्रियों की बात है तो वर्तमान स्थिति में उन्होंने स्वेच्छा से मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।’’
मुझे कोई भय नहीं: कुमारस्वामी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने 13 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद राज्य की कांग्रेस..जद (एस) सरकार के संकट में आने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में सोमवार को कहा कि उन्हें ‘‘राजनीतिक घटनाक्रमों’’ को लेकर ‘‘कोई भय’’ नहीं है और वह अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने पर ध्यान दे रहे हैं।  कुमारस्वामी अमेरिका की अपनी दस दिवसीय यात्रा से रविवार रात को यहां पहुंचे थे। वह मांड्या में एक चीनी मिल फिर से चालू करने के संबंध में अधिकारियों और किसानों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद राज्य सचिवालय में संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे राजनीतिक घटनाक्रमों के बारे में कोई भय नहीं है, मैं राजनीतिक घटनक्रमों के बारे में चर्चा नहीं करूंगा...भाजपा के लोग और अन्य लोग जो कर रहे हैं, उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं।’’


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