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दुनिया में सबसे ज्यादा है भारतीय शिक्षकों की मांग, योगी बोले- दे सकते हैं दूसरे भाषा की ट्रेनिंग

By LSChunav | Publish Date: 2/10/2020 5:38:19 PM
दुनिया में सबसे ज्यादा है भारतीय शिक्षकों की मांग, योगी बोले- दे सकते हैं दूसरे भाषा की ट्रेनिंग

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि दुनिया में भारतीय शिक्षकों की मांग सबसे ज्यादा है, ऐसे में इसे और प्रभावी बनाने के लिए हम शिक्षकों को दूसरे देशों की भाषा की ट्रेनिंग दे सकते हैं और उनकी योग्यता बढ़ाकर हम उन्हें वहां भेज सकते हैं।

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि दुनिया में भारतीय शिक्षकों की मांग सबसे ज्यादा है, ऐसे में इसे और प्रभावी बनाने के लिए हम शिक्षकों को दूसरे देशों की भाषा की ट्रेनिंग दे सकते हैं और उनकी योग्यता बढ़ाकर हम उन्हें वहां भेज सकते हैं। योगी ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी ने मत और मजहब के भेद को दूर किया, जिसका जीवंत उदाहरण गोरखनाथ मंदिर में चलने वाले लंगर में देखा जा सकता है, वहां हर मत और मजहब के लोग आकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।

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ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में दिग्विजयनाथ एलटी प्रशिक्षण महाविद्यालय में  भारतीय संस्कृति के सांस्कृतिक मूल्य महंत अवेद्यनाथ  विषय पर संगोष्ठी के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि इस संस्था ने शुरुआत से ही शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने पर ध्यान दिया, यही कारण है कि राज्य के अंदर शिक्षकों की लंबी श्रृंखला इस संस्था ने दी है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी का इस बात पर हमेशा ध्यान रहता था कि संस्थान अपने कार्यक्रम और अपनी गतिविधियों के माध्यम से अपनी छवि को इस रुप में प्रस्तुत करें जो दूसरों के लिए प्रेरणादायी बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों को इस तरह के कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।

योगी ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी ने कभी भी समाज की कुरीतियों और बुराइयों को दूर करने में संकोच नहीं किया और यही वजह है कि पूरे देश के संतों ने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए उन्हें अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने मानवीय संवेदनाओं को बखूबी समझा और अपना पूरा जीवन समाज कल्याण के लिए न्योछावर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सबसे ज्यादा युवा उत्तर प्रदेश में निवास करते हैं और उन्हें जब भी मंच मिला इन्होंने अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का लोहा मनवाया है। उन्होंने कहा कि हमने कभी यहां की क्षमता को समझने का प्रयास नहीं किया, उत्तर प्रदेश में जितने भी शिक्षण संस्थान हैं उन्हें अपने यहां इस बात को देखना चाहिए कि वो कौन से देश हैं जहां शिक्षकों की आवश्यकता है और वहां की भाषा क्या है जिससे वो वहां की भाषा को उनके रेगुलर पाठ्यक्रम से जोड़ सके और उन्हें योग्य शिक्षक बनाकर भेज सकें।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया लेकिन जो तस्वीर हम लोगों के सामने आई वो चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्नातकों का परीक्षा परिणाम आया, जिसमें 70 फीसदी लोग फेल हो गए यानि यह दर्शाता है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता किस तरफ जा रही है इसलिए हमें अपनी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा।

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