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संघ के कार्यक्रमों में सक्रिय हुईं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

By अंकित सिंह | LSChunav | Publish Date: 7/19/2019 2:40:51 PM
संघ के कार्यक्रमों में सक्रिय हुईं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज आजकल संघ के कार्यक्रमों में सक्रिय हो गई हैं। गुरुवार को सुषमा स्वराज विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में शामिल हुईं।

नरेंद्र मोदी सरकार-2 में सुषमा स्वराज शामिल नहीं हुईं। सुषमा स्वराज को लेकर उनके शुभचिंतक लगातार उनके बारे में यह जानना चाहते हैं कि वह आजकल क्या कर रही हैं? चूंकि 2014 से 2019 तक मोदी सरकार पार्ट-1 में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज ने खराब स्वास्थ्य की वजह से 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। वह 2009 और 2014 में मध्यप्रदेश के विदिशा से चुनाव जीतकर सांसद बनीं थी। उन्होंने 2009 से 2014 तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भी भूमिका अदा की थी। सुषमा स्वराज भाजपा की वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और अपनी अनूठे भाषण शैली की वजह से वह हरदिल अज़ीज भी हैं। चलिए आपको बताते हैं कि सुषमा स्वराज आजकल क्या कर रही हैं।  

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सुषमा क्या कर रही हैं 
पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज आजकल संघ के कार्यक्रमों में सक्रिय हो गई हैं। गुरुवार को सुषमा स्वराज विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। विश्व हिंदू परिषद ने यह कार्यक्रम संस्कृत में शपथ लेने वाले सांसदों के सम्मान में आयोजित किया था। हालांकि यह बात भी सच है कि वह फिलहाल राजनीतिक गतिविधियों से दूर रह रही हैं। भाजपा संसदीय बोर्ड की वह प्रमुख सदस्य जरूर हैं पर सरकार गठन के बाद वह सिर्फ एक बार ही एक बार ही इस बैठक में शामिल हुई हैं जब जेपी नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाना था। सुषमा को पार्टी नेताओं से भी कम ही मुलाकात करते हुए देखा गया है। हां, उनकी एक-एक तस्वीर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से मिलते हुए जरूर आई थीं। लेकिन एक बात जरूर है कि वह संघ की पसंदीदा नेताओं में से एक हैं और हो सकता है मोदी सरकार भविष्य में इन्हें कोई नई जिम्मेदारी दे दे।  
संसद में खल रही है कमी
सुषमा स्वराज वर्तमान के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वह राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों की समय-समय पर सदस्य रही हैं। बहुत दिनों के बाद यह पहला मौका आया है जब वह किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उनकी कमी सदन में लगातार खल रही है। पक्ष है या विपक्ष, सभी नेता यह मानते हैं कि सुषमा स्वराज की सदन में कमी है। सुषमा नए सांसदों के लिए मार्गदर्शक साबित तो होती हीं, इसके अलावा उनके वक्तव्य और उसके अंदर निहित सूचना अन्य सांसदों को एक नई दिशा भी देती। फिलहाल इस बात की संभावना कम ही है कि वह अभी किसी भी सदन की सदस्य बनें। 
कुलभूषण जाधव मामला
कुलभूषण जाधव मामले में आईसीजे ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया और सुषमा स्वराज गदगद हो गईं। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर आईसीजे में भारत का पक्ष रखने वाले हरीश साल्वे और जाधव के मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में ले जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। हालांकि आईसीजे के इस फैसले के बाद लोगों ने सुषमा स्वराज को भी धन्यवाद दिया। खुद भारत सरकार में शामिल कई मंत्रियों ने भी सुषमा स्वराज का धन्यवाद किया।
अचानक सुर्खियों में आईं
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन के ट्वीट ने सुषमा स्वराज को अचानक सुर्खियों मे ला दिया। हुआ यह था कि हर्षवर्धन ने एक ट्वीट कर सुषमा स्वराज को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाये जाने पर बधाई दी थी। इसके बाद सुषमा स्वराज को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। सुषमा स्वराज ने खुद इस तरह की खबरों को ट्वीट कर खारिज कर दिया, वहीं हर्षवर्धन ने भी अपने ट्वीट को एक घंटे के भीतर हटा लिया। हर्षवर्धन की यह ट्वीट बाद में गलत साबित हुई। केंद्र सरकार ने हाल में ही विस्‍वाभूषण हरिचंदन को आंध्र प्रदेश के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी।
अपना सरकारी आवास खाली किया 
हम अक्सर यह सुनते हैं कि नेता अपने सरकारी बंगले को पद से हटने का बाद भी खाली नहीं करते। लेकिन सुषमा स्वराज ने अपने नई दिल्ली के सरकारी आवास 8, सफदरजंग लेन को मंत्रीपद से हटने के बाद छोड़ दिया। उन्होंने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। उनसे पहले पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी अपना सरकारी आवास खाली कर दिया था।
ट्वीटर पर सक्रिय
मंत्रीपद से हटने के बाद भले ही सुषमा स्वराज राजनीतिक गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आईं हो पर ट्वीटर पर उनकी सक्रियता लगातार बनी रहती है। उन्होंने हर मौके पर ट्वीट किया है। सरकार के बजट पर भी उन्होंने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को बधाई दी। अपने शुभचिंतकों को भी वह अपने स्वास्थ्य के बारे में सूचना देती रहती हैं। मोदी के शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि प्रधानमंत्री ने 5 वर्षों तक मुझे विदेश मंत्री के तौर पर देशवासियों और प्रवासी भारतीयों की सेवा करने का मौका दिया और पूरे कार्यकाल में व्यक्तिगत तौर पर भी बहुत सम्मान दिया। मैं आपके प्रति बहुत आभारी हूँ। हमारी सरकार बहुत यशस्विता से चले, प्रभु से मेरी यही प्रार्थना है। विदेश मंत्री बनने के बाद एस जयशंकर ने अपनी पहली आधिकारिक ट्विटर पोस्ट में कहा था कि वह अपनी पूर्ववर्ती सुषमा स्वराज के ‘पदचिन्हों का अनुसरण करने के कारण गौरवान्वित हैं।
 

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