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5 बार के विधायक और कांग्रेस नेता शोएब इकबाल आम आदमी पार्टी में शामिल

By LSChunav | Publish Date: 1/10/2020 8:08:59 AM
5 बार के विधायक और कांग्रेस नेता शोएब इकबाल आम आदमी पार्टी में शामिल

दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले, पांच बार विधायक रहे शोएब इकबाल बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। अपने सियासी सफर में कई पार्टियों में रह चुके इकबाल इससे पहले कांग्रेस में थे।

नयी दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले, पांच बार विधायक रहे शोएब इकबाल बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। अपने सियासी सफर में कई पार्टियों में रह चुके इकबाल इससे पहले कांग्रेस में थे। ‘आप’ ने एक बयान में बताया कि विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष इकबाल अपने पार्षद (कांग्रेस) बेटे आले मोहम्मद इकबाल और पार्षद (कांग्रेस) रिश्तेदार सुल्ताना आबाद के साथ पार्टी में शामिल हुए।

इकबाल मटिया महल सीट से 1993 में विधानसभा बनने से लेकर 2015 तक अलग अलग पार्टियों के टिकट पर विधायक रहे। उन्होंने 2013 का विधानसभा चुनाव जदयू के टिकट पर जीता था लेकिन उन्होंने 2015 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था जिसमें उन्हें ‘आप’ उम्मीदवार से शिकस्त खानी पड़ी थी। ‘आप’ में उनके शामिल होने से इस तरह की अटकलें हैं कि वह मटिया महल सीट से आठ फरवरी को होने वाला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

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सूत्रों ने बताया कि पार्टी राष्ट्रीय राजधानी की मुस्लिम आबादी को रिझाने के लिए प्रतिष्ठित मुस्लिम चेहरे की तलाश में थी और इकबाल आप में शामिल होने के इच्छुक थे। दिल्ली में आठ फरवरी को चुनाव होना है और नतीजे 11 फरवरी को आएंगे। केजरीवाल ने कहा कि इकबाल और उनकी टीम उन कामों को मजबूत करेगी जो आप ने दिल्ली में गरीबों के लिए किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ पार्टी में उनके शामिल होने से उन विकास कार्यों को आगे ले जाने में मदद मिलेगी जिनमें आप हमेशा से विश्वास करती आयी है और उसके लिए समर्पित है।’’

इकबाल ने केजरीवाल के नेतृत्व वाली ‘आप’ सरकार की सभी समुदायों के कल्याण के लिए बनाई लोक समर्थित नीतियों और योजनाओं की सराहना की। इकबाल ने कहा, ‘‘ आप ने दिल्ली के दबे कुचले और दलित समुदाय के कल्याण और विकास के लिए काम किया।मुझे पार्टी की ताकत पर पूरा भरोसा है। पार्टी 70 में से 70 सीटें जीतकर सभी रिकॉर्ड तोड़कर फिर से सत्ता में वापसी करेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने अरविंद केजरीवाल जी के साथ दिल्ली में उनकी 49 दिनों की सरकार के दौरान काम किया है। काम के प्रति उनका रवैया सराहनीय है। मेरा मानना है कि लोग भाजपा के भ्रष्टाचार और झूठ से तंग आ चुके हैं, जिसे झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में हाल के चुनावों में देखा जा सकता है।’’

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बता दें कि उन्होंने 1993 और 1998 का विधानसभा चुनाव जनता दल के टिकट पर लड़ा था तो 2003 के चुनाव में जद(एस) के टिकट पर मैदान में उतरे। इसके बाद 2008 का विधानसभा चुनाव लोक जनशक्ति पार्टी से लड़ा तो 2013 में जद(यू) के टिकट पर विधानसभा पहुंचे। मगर 2015 में कांग्रेस के टिकट पर चुनावी रण में उतरे इकबाल ‘आप’ की आंधी में अपना किला नहीं बचा सके और आसिम अहमद खान से चुनाव हार गए।

इकबाल के पाला बदलने पर कांग्रेस प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि इकबाल एनआरसी पर केजरीवाल की आलोचना कर रहे थे और अब वह आप में शामिल हो गए। उन्हें डर था कि कांग्रेस उन्हें टिकट देने से इनकार कर देगी। उन्होंने कहा, ‘‘ इससे (इकबाल के पार्टी छोड़ने से) चुनाव में कांग्रेस की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा और पार्टी के पास मटिया महल विधानसभा सीट के लिए एक मजबूत उम्मीदवार है।’’ शर्मा ने दावा किया कि इकबाल पार्टियां बदलते रहे हैं।


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