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इन तीन बड़े मामलों में फंसे हैं चिदंबरम, सर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

By अनुराग गुप्ता | LSChunav | Publish Date: 8/20/2019 5:00:11 PM
इन तीन बड़े मामलों में फंसे हैं चिदंबरम, सर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

पी चिदंबरम पर आईएनएक्स मीडिया मामला, एक्सेल-मैक्सिस मामला तो चल ही रहा था कि एक और मामला उनसे जुड़ गया और यह मामला था एयर इंडिया से जुड़ा हुआ।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम पर लगातार शिकंजा कसता चला जा रहा है। यूपीए सरकार के आने के बाद से उन्हें अदालतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। आईएनएक्स मीडिया मामला, एक्सेल-मैक्सिस मामला तो चल ही रहा था कि एक और मामला चिदंबरम से जुड़ गया और यह मामला था एयर इंडिया से जुड़ा हुआ।

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INX मीडिया मामला

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धनशोधन मामलों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने चिदंबरम को राहत देने से इनकार कर दिया। सीबीआई ने 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोप लगाया था कि वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त करने के लिए मीडिया समूह को दी गयी एफआईपीबी मंजूरी में अनियमितताएं हुई थीं। ईडी ने 2018 में इस संबंध में धनशोधन का मामला दर्ज किया था।

क्या है आईएनएक्स मीडिया मामला ?

कांग्रेस नीत वाले यूपीए सरकार में पी चिदंबरम गृह और वित्त मंत्री के पद पर रहे हैं। इस मामले को लेकर पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार भी किया गया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि एक निजी कम्पनी जिसमें कार्ति चिदंबरम का दखल था उसे पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी के मीडिया हाऊस से फंड मिलता था और इसी के साथ सीबीआई ने आरोप लगाया था कि कार्ति चिदंबरम ने अपने ताकत का नजराना पेश करते हुए आईएनएक्स को फॉरेन डयरेक्ट इनवेस्टमेट क्लीयरेंस हालिस करने में मदद की थी। उसी को लेकर कार्ति और आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। 

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Aircel Maxis मामला ?

एयरसेल मैक्सिस डील का मामला फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) से जुड़ा है। साल 2006 में जब पी चिदंबरम मनमोहन सिंह सरकार में वित्त मंत्री थे तो उन्होंने इस डील को मंजूरी दी थी और अब उन पर आरोप है कि चिदंबरम के पास तो सिर्फ 600 करोड़ रुपए तक के ही  प्रोजेक्‍ट को मंजूरी देने का अधिकार था। अगर इससे अधिक के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए चिदंबरम को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति से मंजूरी लेनी पड़ेगी लेकिन उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी नहीं ली थी।

आपको बता दें कि एयरसेल मैक्सिस डील मामला 3,500 करोड़ की एफडीआई की मंजूरी का था। इस मामले में फिलहाल दिल्ली की एक अदालत ने पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर प्राथमिकियों में गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम छूट की अवधि 23 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी।

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तीसरा और नया मामला एयरबस का है 

यूपीए सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर हुये विमानन घोटाले में धनशोधन रोधी मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को तलब किया है। अधिकारियों ने बताया कि चिदंबरम को 23 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में मामले के जांच अधिकारी के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। यह मामला करोड़ों रुपये के विमानन घोटाले से जुड़ा है जिसमें अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के लिए उड़ान समय निर्धारित करने में अनियमितताएं बरतीं गईं। इससे एअर इंडिया को भारी नुकसान हुआ। इस मामले में ईडी पूर्व विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से पूछताछ कर चुकी है। विशेषज्ञ यह मानते है कि प्रफुल्ल पटेल से ईडी को जो जानकारी मिली है उसी के संदर्भ में वह चिदंबरम से पूछताछ करना चाहते है।  


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