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बाबूलाल मरांडी बने भाजपा विधायक दल के नेता, बनेंगे नेता विपक्ष

By LSChunav | Publish Date: 2/24/2020 4:41:56 PM
बाबूलाल मरांडी बने भाजपा विधायक दल के नेता, बनेंगे नेता विपक्ष

भाजपा में अपने दल झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) का विलय करने वाले बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद भाजपा ने विधानसभा में सबसे बड़ा विपक्षी दल होने के नाते मरांडी को विपक्ष का नेता बनाए जाने की विधानसभा अध्यक्ष से अनुशंसा की।

रांची। हाल में भाजपा में अपने दल झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) का विलय करने वाले झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को सोमवार को यहां भाजपा विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। इसके बाद भाजपा ने विधानसभा में सबसे बड़ा विपक्षी दल होने के नाते मरांडी को विपक्ष का नेता बनाए जाने की विधानसभा अध्यक्ष से अनुशंसा की।

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केन्द्रीय पर्यवेक्षक तथा पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री मुरलीधर राव की उपस्थिति में मरांडी को आज यहां सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। राव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी विधायकों की बैठक हुई जिसमें एक आपराधिक मामले मेंभूमिगत चल रहे बाघमारा के विधायक ढुल्लू महतो को छोड़कर अन्य सभी 25 नवनिर्वाचित विधायक उपस्थित थे। बैठक में मरांडी को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया।

भाजपा के दिल्ली स्थित केन्द्रीय कार्यालय के महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि मरांडी के विधायक दल का नेता चुने जाने से पार्टी में सभी प्रसन्न हैं। विधायक दल की बैठक में मरांडी के नेता पद पर निर्वाचन के तुरंत बाद पार्टी ने विधानसभा सचिवालय को बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की अनुशंसा वाला पत्र भी सौंप दिया। इससे पूर्व 18 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री मुरलीधर राव को झारखंड विधान सभा में पार्टी विधायक दल के नेता के चयन के लिए केन्द्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था।

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नवंबर-दिसंबर 2019 में राज्य विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा की हार हुई थी और उसे सिर्फ 25 सीटों से संतोष करना पड़ा था, जबकि 2014 के चुनाव में भाजपा ने अकेले 37 सीट जीती थीं।  इस वर्ष जनवरी 2020 में राज्य में नवनिर्वाचित विधानसभा के पहले सत्र में भाजपा ने अपने विधायक दल के नेता का चुनाव नहीं किया जिससे सदन में विपक्ष का नेता मनोनीत नहीं किया जा सका।

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